अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2 अप्रैल को व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में एक समारोह का आयोजन किया। जिसमें उन्होंने पारस्परिक टैरिफ बढ़ाने की घोषणा कर दी। वह अपने देश के घरेलू उत्पादों और व्यापार घाटे को कम करने के लिए एक बचकाना कदम उठा लिया है। उन्होंने घोषणा किया कि 5 अप्रैल से सभी देशों पर अतिरिक्त 10% की दर से टैरिफ वृद्धि लागू करेंगे और कुछ देश विशिष्ट मे अधिक दर से टैरिफ लागू होगा। साथ ही साथ वह किन देशों पर क्या टैरिफ लागू करेंगे, उनका विवरण सूची भी दिया ।

ट्रम्प सरकार ने भारत पर 26% का टैरिफ लगाया है। इसका सीधा-सीधा मतलब यह है कि अमेरिका के द्वारा भारत से खरीदे जाने वाले सामानों पर 26% टैरिफ यानि आयात शुल्क लगेगा। यह भारतीय अर्थव्यवस्था को एक करारा झटका है क्योंकि भारत ने अमेरिका को 7,346 वस्तुओं का निर्यात किया है जो भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 129.2 बिलियन डॉलर था। अमेरिका को भारत का निर्यात 87.4 बिलियन डॉलर तक पहुंचा अमेरिका से भारत का आयात 41.8 बिलियन डॉलर था जिसमें भारत का व्यापार अधिशेष 45.6 बिलियन डॉलर था। भारतीय वस्तुओं मे टैरिफ को अधिकतर प्रभावित करने वाले क्षेत्र इलेक्ट्रिकल, दूरसंचार और इलेक्ट्रॉनिक्स ($14.39 बिलियन) फार्मास्यूटिकल्स ($12.7 बिलियन) हीरे, सोना, चांदी ($11.88 बिलियन) मशीनरी, बॉयलर, टर्बाइन और कंप्यूटर ($7.10 बिलियन) रसायन ($5.71 बिलियन) वस्त्र, फैब्रिक, धागा और कालीन ($2.76 बिलियन) सिरेमिक, कांच और पत्थर ($1.71 बिलियन) रबर उत्पाद – टायर और बेल्ट ($1.06 बिलियन) इत्यादि हैं। भारत ने हाल के दिनों में अमेरिकी आयात में 3 बिलियन डॉलर की वृद्धि की है और अमेरिका में 40 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है, जिससे वहां 4,00,000 से अधिक नौकरियां पैदा हुई हैं जबकि हमारे प्रधानमंत्री अमेरिका के पिछली बैठक मे कई वस्तुओं पर टैरिफ कम करने का तोहफा दे आयें।

चीन ने जवाबी कार्यवाही में अमेरिका पर लगाया 34% टैरिफ
अमेरिका के टैरिफ पर नाराज चीन के वित्त मंत्रालय ने ऐलान किया कि अमेरिका के द्वारा लगाया गया टैरिफ गलत है जो इन्टर्नल स्टंड ट्रेड नियमों के खिलाफ हैं इसलिए 10 अप्रैल को चीन भी अमेरिकी वस्तुओं पर 34% का टैरिफ लागू करेगी। चीन मे दुनिया का दुर्लभ खनिजों का लगभग 90% उत्पादन करता है। अमेरिका इसके लिए चीन पर ज्यादा निर्भर है जिसके कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था को चीन का यह जवाबी कार्यवाही प्रभावित करेगा।
अमेरिका और चीन के बीच यह ट्रेड वार पूरे वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। क्योंकि पिछले दो दिन मे बाजार मूल्यों मे गिरावट इतनी तेजी से हुई कि पिछले 4 सालों का रिकार्ड टूट गया। अब देखते हैं कि अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्यवाही में भारत सरकार क्या निर्णय लेती हैं क्योंकि कहीं ना कहीं अमेरिका के इस मनमाने रवैये से भारत की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी। आप अपनी राय हमें कमेन्ट के जरिए साझा कर सकते हैं ! धन्यवाद!










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